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GDP 8.2% बढ़ी, महंगाई घटकर 0.25%: RBI का अगला कदम क्या होगा…?

नई दिल्ली: रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की तीन दिन की बैठक बुधवार से शुरू हुई थी और आज इसका तीसरा और आखिरी दिन है। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा, जो MPC के चेयरमैन भी हैं, शुक्रवार सुबह 10 बजे पॉलिसी का नतीजा घोषित करेंगे। बाजार में इस बात को लेकर अलग-अलग राय है कि क्या RBI फिर से रेट कट करेगा या अभी के लिए स्थिरता बरकरार रखेगा।

GDP और महंगाई के आंकड़े

सितंबर क्वार्टर में भारत की GDP 8.2% बढ़ी, जो अनुमान से अधिक है। यह वृद्धि MPC को पॉलिसी सपोर्ट जारी रखने का तर्क देती है। वहीं, महंगाई (इंफ्लेशन) काफी तेजी से नीचे आ गई है।

अक्टूबर में रिटेल महंगाई सिर्फ 0.25% रही, जो GST कटौती, बेस इफेक्ट और सब्जियों-फलों की कीमतों में गिरावट की वजह से संभव हुई। RBI ने फरवरी से अब तक रेपो रेट 100 बेसिस पॉइंट घटाकर 5.5% तक लाया है, जबकि अगस्त और अक्टूबर में रेट स्थिर रखा गया।

विशेषज्ञों की राय में अंतर

अर्थशास्त्री मानते हैं कि RBI इस बार सावधानी बरतेगा क्योंकि मौजूदा रेट लेवल पॉजिटिव रियल रेट दे रहा है। मदन सबनवीस (बैंक ऑफ बड़ौदा) के अनुसार, वर्तमान स्थिति में पॉलिसी रेट में बदलाव की जरूरत नहीं है। वहीं, कुछ विशेषज्ञ 25 bps कट की संभावना बता रहे हैं, क्योंकि महंगाई काफी नीचे आ चुकी है और ग्रोथ पर दबाव हो सकता है। HDFC बैंक का कहना है कि FY27 की तीसरी तिमाही तक महंगाई 4% से नीचे रह सकती है। CRISIL के मुख्य अर्थशास्त्री धर्मकीर्ति जोशी के अनुसार, अक्टूबर में कोर इंफ्लेशन 2.6% रहा और इससे दिसंबर में 25 bps कट की गुंजाइश बनती है।

बड़ा फोकस और संभावित संकेत

भले ही RBI रेट न बदले, लेकिन बाजार गाइडेंस, लिक्विडिटी और आगे की पॉलिसी संकेतों पर ध्यान देगा। कुछ एक्सपर्ट्स मानते हैं कि ज्यादा कट लगाने से बीपी (Balance of Payments) पर असर और बैंकों के फंड जुटाने में मुश्किलें हो सकती हैं। ICRA की अदिति नायर के अनुसार, GDP लगातार उम्मीद से अधिक आ रही है, इसलिए अभी तुरंत कट की जरूरत नहीं है। RBI का लक्ष्य है कि महंगाई 4% के आसपास रहे, ±2% की सीमा में।
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